
➡️ 31 साल बाद कुशीनगर जिले के सभी थानों व पुलिस लाइन पर हर्षोल्लास से मना श्री कृष्ण जन्माष्टमी
➡️ एसपी कुशीनगर संतोष मिश्रा के निर्देश पर जिले के थानों में 31 वर्ष बाद शुरू हुई बंद परंपरा, लोगों ने की सराहना
नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की
राज पाठक/कुशीनगर। 1994 में जन्माष्टमी के दिन दस्यु गिरोह के बदमाशों और कुशीनगर पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी।इसमें 6 पुलिसकर्मियों की शहादत हुई थी। इसके बाद यह पर्व कुशीनगर जिले के पुलिस लाइंस और थानों में मनाना बंद हो गया। लेकिन अब 31 वर्ष बाद एसपी कुशीनगर संतोष कुमार मिश्रा ने कृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को सभी थानों और पुलिस लाइंस में हर्षोल्लास से मनाने का आदेश दिया था उसके बाद शनिवार की मध्य रात्रि पूरे जनपद के थानो और पुलिस लाइन में हर्षोल्लास से श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाया गया।
शनिवार की मध्य रात्रि श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एसपी कुशीनगर संतोष मिश्रा जी ने कुशीनगर के थानों और पुलिस लाइन में एक ऐतिहासिक परंपरा को पुनर्जीवित करने का सफल प्रयास किया। एसपी कुशीनगर के निर्देश पर पूरे 31 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कुशीनगर जिले के सभी पुलिस थानों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। जनपद के सभी पुलिस थानों में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से थाना परिसर गुंजायमान हो उठा। पुलिस लाइन कुशीनगर में भी श्री कृष्ण जन्माष्टमी बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया गया। जहां भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए।
इस दौरान भक्ति गानों पर एसपी कुशीनगर संतोष मिश्रा भक्ति में सराबोर होकर भक्ति गानों पर खूब झूमे और डांस किया। वहां मौजूद लोग भी खूब भक्ति गानों पर झूमे। जिसकी लोग चहुंओर प्रशंसा और सराहना कर रहे है। लोगों ने कहा कि वर्तमान कुशीनगर एसपी साहब में भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव और सनातन धर्म के प्रति अटूट आस्था की झलक दिखती है। एसपी कुशीनगर ने वहां मौजूद लोगों का हौसला अफ़ज़ाई किया और कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की विधि विधान से भक्ति-आराधना की तथा समाज में शांति, सौहार्द एवं समृद्धि की मंगलकामना की। पूरा पुलिस लाइन में भक्ति गानों से वातावरण पूरी तरह से आध्यात्मिक हो गया।। एसपी कुशीनगर संतोष मिश्रा की पूरे जनपदवासी खूब सराहना और प्रशंसा कर रहे है। इस आयोजन से पुलिसकर्मियों और लोगों में उत्साह का माहौल रहा। भक्ति भजन कीर्तन के बाद रात 12 बजे जन्मोत्सव मनाया गया। क्षेत्र शंखध्वनि और भगवान श्री कृष्ण जी के जयकारे से गूंज उठा। उसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की आरती उतारी गई।
सलाम है इन जज़्बातों को,सलाम है भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के प्रति अटूट विश्वास को…
यही है असली भक्ति…जहां कर्तव्य,श्रद्धा और आनंद साथ-साथ चलते हैं।
जय हिंद! जय श्री कृष्णा।
तीन दशक बाद थानों में फिर से मनाई गयी जन्माष्टमी।
1994 में जन्माष्टमी के दिन दस्यु गिरोह के बदमाशों और कुशीनगर पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें छह पुलिसकर्मियों की शहादत हुई थी। इसके बाद यह पर्व कुशीनगर जिले के पुलिस लाइंस और थानों में मनाना बंद हो गया। यह परंपरा 1994 के भयावह पचरुखिया कांड के बाद थम गई थी।